UAE: भारतीय मरीन इंजीनियर अनुराग तिवारी, उम्र 33 साल की 29 जून को यूएई के शारजाह बंदरगाह पर एक जहाज पर काम करते वक्त मौत हो गई। अनुराग के परिवार का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही से उनकी जान गई और अब वो मामले की पारदर्शी जांच चाहते हैं।
अनुराग, JANA 505 नाम के जहाज पर तीसरे इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। ये जहाज Synergy Ship Arabia (SSA) की देखरेख में था और उन्हें मुंबई की अविष्का शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड ने भेजा था।
अनुराग इंजन रूम में बेहोश मिले
नौवहन महानिदेशालय की रिपोर्ट के मुताबिक, अनुराग इंजन रूम में बेहोश मिले थे। CPR देने और अस्पताल ले जाने की कोशिश हुई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। फोरेंसिक रिपोर्ट में मौत की वजह हीटस्ट्रोक बताई गई है, जिससे उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।
परिवार को हालांकि अब भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। अनुराग के पिता अनिल कुमार तिवारी का कहना है कि शुरुआत में बताया गया कि उनका बेटा डेक पर गिरा, फिर कहा गया कि वो इंजन रूम में था। वो ये जानना चाहते हैं कि अनुराग को अकेले उस बंद जगह में क्यों भेजा गया, जहां शायद जहरीली गैसें थीं और वेंटिलेशन ठीक नहीं था।
वो कहते हैं, “हमें शक है कि जहरीली गैस और गर्मी की वजह से उसकी मौत हुई है। हम चाहते हैं कि इसकी विष विज्ञान जांच हो और सच्चाई सामने आए।”
सऊदी कंपनी ऑपरेट करती है जहाज
यह हादसा तब हुआ जब JANA 505 पर कमीशनिंग का काम चल रहा था। ये जहाज चीन की कंपनी ने बनाया था, इसे सऊदी कंपनी ऑपरेट करती है, लेकिन ये पनामा में रजिस्टर्ड है – जिसे मरीन इंडस्ट्री में “फ्लैग ऑफ कन्वीनियंस” कहा जाता है यानी जहाजों को सस्ते और आसान कानूनों वाले देशों में रजिस्टर्ड करना।
कंपनी की तरफ से मिली मिली-जुली जानकारी और सहयोग की कमी के बाद, परिवार ने सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मदद मांगी।
अनुराग के पिता ने X (ट्विटर) पर लिखा:
“@DrSJaishankar सर, मेरा बेटा अनुराग तिवारी (पासपोर्ट: W4768296) को Synergy Ship Arabia ने नौकरी पर रखा था। 29 जून को वो शारजाह में जहाज JANA 505 पर चढ़ा और उसी दिन उसकी मौत हो गई। कंपनी ने मौत की सही वजह नहीं बताई और कोई मदद भी नहीं मिल रही है। कृपया उसके पार्थिव शरीर को भारत लाने में मदद करें।”इसके बाद भारतीय दूतावास, दुबई ने हस्तक्षेप किया और पार्थिव शरीर को 5 जुलाई को लखनऊ भेजा गया।
यूनिवर्सिटी ने दी श्रद्धांजलि
जहाँ से अनुराग ने पढ़ाई की थी एएमईटी यूनिवर्सिटी उन्होंने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। इंस्टिट्यूट ने लिखा, “हमारे पूर्व छात्र अनुराग तिवारी (बैच 5) के असामयिक निधन से दुखी हैं। वो एक सच्चे मरीन इंजीनियर थे। उनकी याद हमेशा बनी रहेगी। परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं।”
फैमिली अब भी यही चाहती है कि मौत की असली वजह साफ तौर पर सामने आए – और अगर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।